समाज की संरचना अनेक छोटे-छोटे कार्यों पर टिके अदृश्य स्तंभों से बनी होती है। इन स्तंभों में एक महत्वपूर्ण नाम…
Read More »नीव के पत्थर
यह कहानी है रमेश की—एक साधारण मजदूर से कुशल मिस्त्री और ठेकेदार बनने तक का सफर। मेहनत, ईमानदारी और इंसानियत…
Read More »उसके लिए मदद करना सिर्फ काम नहीं, एक सुकून है। ऐसे लोग आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं, जो…
Read More »क्या आपने सोचा है कि आपके नाई का हर हेयरकट आपकी मुस्कान से कैसे जुड़ा है?
Read More »ना पढ़ा-लिखा, ना अमीर, फिर भी समाज को सबक दे जाता है। अपने सदकर्मों से लोगों के दिल में जगह…
Read More »“हर इमारत ऊँची होती है, लेकिन नींव हमेशा ज़मीन में छुपी रहती है।” जब भी हम किसी दफ्तर की बात…
Read More »रेल की पटरियों के पीछे की तकनीकी जिम्मेदारी निभाते एक कर्मयोगी की गाथा।
Read More »“रफ्तार नहीं, ज़िम्मेदारी हूं मैं” एम्बुलेंस चालक बसंत मिश्रा, भिण्ड (म.प्र.) की कहानी सड़कों पर जब सायरन बजाती हुई एम्बुलेंस…
Read More »जब ठंडी हवाएँ चलती हैं और शहर की सारी रोशनी मंद हो जाती हैं, तब एक व्यक्ति की उपस्थिति अंधेरे…
Read More »नीव के पथर में आपका स्वागत है। यह कैफे सोशल मैगज़ीन का एक खास हिस्सा है जहाँ हम रोज़मर्रा के…
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