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भारत देश और उसकी पूँजी!!

हमारे देश में कुछ ऐतिहासिक किले, मंदिर, और अन्य चीजें  है जो धीरे -धीरे ख़राब होती जा रही है।  देखते है क्या कारण है इसके पीछे और हमें क्या करना चाहिए ?  और क्या नहीं करना चाहिए ? क्या  ये सिर्फ सरकार का काम है या फिर  हमारा भी कुछ कर्तव्य बनता है ? 

भारत देश बहुत चीजों के लिए प्रसिद्ध है जैसे  किले, मंदिर, भाषा, इतिहास, सभ्यता और हमारे देश के पकवानों के लिए। विभिन्न मंदिर है किले है, लेकिन कुछ सालों से इनका ख्याल नहीं रखा जा रहा है,  इनकी हालत धीरे धीरे खस्ता होती जा रही है। उसकी वजह हम ही  है क्योंकि हम उन चीजों का ख्याल रखना नहीं आ रहा है हम ऐसे ही उसे और खरब होने के लिए छोड़ रहे है।

जैसे – आपने देखा होगा कि कुछ लोग किलो के दीवारों पर नाम लिखते  है तो कोई उन दीवारों पर थूकता है या फिर कोई तोड़ देता है, लेकिन क्या ये  करना ठीक है ?   उसे नुकसान पहुँचाना बहुत ग़लत है और हमे इसे रोकना होगा ।

हंपी, भांगड, मस्तानी मेहल ये तो कुछ नाम है उन जगहों के जो धीरे धीरे खत्म होती जा रही है ।

भारत में जैसे मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और अन्य कुछ राज्य अपनी – अपनी एतिहासिक  जगहों कि देख भाल कर रहे है पर  ये सभी राज्य पर्यटक दृष्टिकोन के नज़रिए से बहुत  ज्यादा प्रसिद्ध है लेकिन उनका ध्यान नहीं रखा जा रहा है जैसे रखना चाहिए । पर कुछ राज्य ऐसे भी है जैसे —  कर्नाटक , राजस्थान,  और केरल ये सारी जगहों का ज्यादा ख्याल रखा जाता है ।भारत में कुछ जगहों पर बारह  माह पर्यटकों कि भीड़ रहती है और उस वजह से हमें बहुत  लाभ होता है और भारत उन पैसों का उपयोग ये सारी चीजों के बांधकामो में लगाती है।

हर देश उनके ऐतिहासिक चीजों को संभालकर रखता  है, क्योंकि उनका इतिहास जुड़ा रहता है और दूसरी बात पर्यटक उनकी सभ्यता और इतिहास को जानने और परखने  के खातिर भ्रमण करने आते है । इसलिए हमे भी हमारे इतिहास को संभालकर  रखना चाहिए है और हमे उसे रखा नुकसान नहीं पहुँचाना है ।

इन सबकी देखभाल करना सिर्फ सरकार का काम नहीं है बल्कि ये हमारा भी कर्तव्य है कि हम भी आगे आकर इन सारी चीजों पर ध्यान दे  । बहुत सारे संगठन है जो इन सारी जगहों का ध्यान रखते है । प्रतिमाह इसमें बदलाव करते है , साफ सफाई करते  है ये सारे संगठन  किसी सरकार से नहीं जुड़े हुए है बल्कि खुदके पैसे लगाकर इन चीजों का जतन करते  है।

तो हम सबको समझना चाहिए कि सिर्फ सरकार का कर्तव्य नहीं है हमारा भी कर्तव्य है कि  हमारे देश कि  ऐतिहासिक चीजों को संभालकर  रखें क्योंकि  हमारे पूर्वजों ने बड़ी मुश्किल से इन्हें संभाला था और इनकी रक्षा कि थी दुश्मनों से, अब हमें तो सिर्फ इनकी देखभाल ही करनी है।

तो हमें  इन मूल्यवान जगहों और चीजों का  ध्यान रखना होगा क्योंकि ये हमारे देश का इतिहास है और यहॉं  की  संस्कृति का, सभ्यता का ध्यान हमे ही रखना है ।

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