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फॉरेन इन्वेस्टर्स ने शेयर बाजार से निकाले 31,430 करोड़ तो गिरीं टॉप-10 कंपनियां, घटा 3.91 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप

विदेशी निवेशकों के शेयर मार्केट से पैसे निकालने के बाद देश की टॉप कंपनियों को जबरदस्त घाटा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार विदेशी निवेशकों ने 31,430 करोड़ रुपये शेयर मार्केट से निकाल लिए हैं। जिसके कारण प्रमुख देशी कंपनियों का मार्केट कैप 3.91 लाख करोड़ घट गया है।

सबसे ज्यादा नुकसान में टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्री रही है। पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 2,943.02 अंक या कहें कि 5.42 प्रतिशत गिरा है, जबकि एनएसई निफ्टी 908.30 अंक गिरा है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में देर से बढ़ोतरी, विदेशी फंड का निकलना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच बाजार बेहद मंदी का रहा है।

शीर्ष की दस बड़ी कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 1,01,026.4 करोड़ रुपये घटकर 11,30,372.45 करोड़ रुपये पर रह गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का मार्केट कैप 84,352.76 करोड़ रुपये गिरकर 17,51,686.52 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा इंफोसिस का मार्केट कैप 37,656.62 करोड़ रुपये घटा तो एलआईसी का मार्केट कैप 34,787.49 करोड़ रुपये घटकर 4,14,097.60 करोड़ रुपये रह गया।

बैंकों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 33,507.66 करोड़ रुपये गिरकर 7,16,373.13 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 22,203.69 करोड़ रुपये घटकर 4,78,540.58 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 18,563.19 करोड़ रुपये गिरकर 3,93,575.37 करोड़ रुपये पर आ गया है।

हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का हाल भी खराब रहा और इसका मार्केट कैप 20,535.43 करोड़ रुपये घटकर 4,96,351.15 करोड़ रुपये पर आ गया।शीर्ष 10 फर्मों की रैंकिंग में, रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ी कंपनी बनी रही, इसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एलआईसी, एसबीआई, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का नंबर है।

इन गिरावटों में जहां वैश्विक कारणों का हाथ है वहीं घरेलू स्तर पर महंगाई भी इसके मुख्य कारण है।

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