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अनिल अंबानी की दिवालिया कंपनी की बिक्री में फंस रहा है ये पेंच, जानिए बिकने में क्यों हो रहा लेट?

अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL) की समाधान योजना के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून करने पर लेंडर्स ने सहमति जताई है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बोलीदाताओं की तरफ से अबतक ठंडी प्रतिक्रिया को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

लेंडर्स की समिति (सीओसी) ने इससे पहले रिलायंस कैपिटल के लिए समाधान योजना पेश करने की अंतिम तारीख 26 मई तय की थी। लेंडर्स ने बुधवार को रिव्यू मीटिंग के बाद बोलीदाताओं की ठंडी प्रतिक्रिया को देखते हुए बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख को 30 जून तक बढ़ाने का फैसला किया। सूत्रों ने कहा कि 54 संभावित समाधान आवेदकों (पीआरए) में से अबतक केवल आठ बोलीदाताओं ने ऋणदाताओं के संपर्क किया है।

उन्होंने बताया कि 54 बोलीदाताओं में से 45 ने ऋणदाताओं की समिति से संपर्क ही नहीं किया है और वे पूरी तरह से ‘निष्क्रिय’ हैं। वहीं आठ बोलीदाताओं में से पांच ने रिलायंस कैपिटल के प्रशासक से कुछ मुद्दों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है जबकि केवल तीन ने समाधान प्रक्रिया को लेकर प्रबंधन के साथ बैठक की है। सूत्रों ने ऋणदाताओं के हवाले से कहा कि प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण स्थिति के कारण ज्यादातर बोलीदाताओं की तरफ से ठंडी प्रतिक्रिया मिली है।

आरसीएल की तरफ से सभी बिडर्स के लिए दो विकल्प दिए गए थे। पहले विकल्प में आरसीएल और उसकी सब्सिडियरी के लिए बोली लगाई जा सकती थी जबकि दूसरे विकल्प में अनुषंगी कंपनियों के लिए अलग-अलग या जोड़ बनाकर बोली लगाने की सुविधा दी गई थी। रिजर्व बैंक ने 29 नवंबर, 2021 को आरएलसी के बोर्ड को भंग कर दिवालिया प्रक्रिया संचालित करने के लिए नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था।

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