Generalहिंदी प्रतियोगिता

किस्सा ब्यूटी क्वीन बनने का

किसी लेखक ने सच कहा है कि वह खूबसूरत नहीं आकर्षक बन सकती थी बशर्ते उसे कोई यह एहसास कराता कि वह खूबसूरत है। पर आज के समय में जबकि शहर में चारों ओर कुकुरमुत्ता के पौधे की तरह ब्यूटी पार्लर्स खुल गए हैं। यह एहसास कराने वाले का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। बस उठिए और पहुंच जाइए किसी ब्यूटी पार्लर पर। प्रत्येक लड़की अपने आप में कोई ना कोई कमी खोज ही लेती है।


भले ही वह उसे दूसरे के सामने स्वीकार नहीं करती। परंतु आईना के सामने जाते ही उसे अपने चेहरे में कोई ना कोई कमी नजर आने लगती है। किसी को अपने चेहरे पर मुंहासे खटकते हैं तो किसी को आंखों के नीचे का कालापन तो किसी को अपनी भौंहे चौड़ी लगने लगती हैं। और ऐसे में यदि किसी पड़ोसन ने ब्यूटी पार्लर के सब्जबाग दिखाएं उसका महत्व समझाएं और दिल में दबी राख को कुरेदे तो आप ही कहिए किस हसीना का दिल ब्यूटी पार्लर जाने को बेताब न हो उठेगा।

बस ऐसा ही कुछ हमारे साथ भी हुआ हमारी पड़ोसन के पति बैंक में ऑफिसर थे काम की अधिकता के कारण वह रात 9 बजे के पहले घर नहीं आ पाते थे। पड़ोसन बेचारी क्या करती दोनों बच्चे सुबह स्कूल चले जाते सारा दिन उसका साथ निभाते टीवी और सजने संवरने का शौक 1सजने संवरने का शौक सारे शौकों पर भारी पड़ जाता। अब उसे ब्यूटी पार्लर जाने के लिए जरूरत थी बस एक अदद साथी की। बस फिर क्या था उसका निशाना बनी सीधी शादी मै जो ऊपर से तो अपने आपको सादगी पसंद होने का दावा करती थी। परंतु अंदर मन में सुंदर दिखने का आकर्षण छिपा हुआ था।

मीना पड़ोसन ने अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए सबसे पहले अपने आप को बहुत ही खूबसूरत ढंग से संवारा और आ पहुंची मेरे घर पर पड़ोसन धर्म निभाने। स्वाभाविक रूप से उन्हें देखते ही हमारे मुंह से निकला वाह क्या बात है आज तो आप बहुत ही सुंदर लग रही हैं। बस लगाम मिलते ही मीना ने लगाम थाम ली और कसना शुरू कर दिया। कहने लगी क्यों अभी से अपने आप को बड़ा समझने लगी हो अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है? तुम हेयर स्टाइल चेंज कर लोगी तो बहुत ही सुंदर दिखोगी। तुम तो अपने आप पर कभी ध्यान ही नहीं देती घर का काम और नौकरी मानो बस यही तुम्हारी जिंदगी हो।

जिंदगी का मजा नहीं लोगे तो कमाने से फायदा? मैंने कहा नहीं मुझे ज्यादा चटक मटक पसंद नहीं है मैं सादी ही अच्छी हूं फिर मुझे लगा शायद पड़ोसन बुरा ना मान जाए इसलिए मैंने बात को बदलते हुए कहा सही बात यह है कि मुझे इन सब चीजों की सही जानकारी नहीं है। सुंदर बनने केचक्कर में कहीं कुछ उल्टा सीधा हो गया तो मैं ना सादी रह पाऊंगी और ना फैशनेबल तब मेरी स्थिति बड़ी ही विचित्र होगी। नीता ने देखा तीर निशाने पर लग रहा है। उसने चिंगारी को हवा देना शुरू कर दिया। कहने लगी अरे तू क्यों घबराती है। रीवा में मेरी छोटी बहन ने ब्यूटी पार्लर खोल रखा है। इसलिए मुझे इन चीजों की बहुत जानकारी है। हम दोनों कल ही ब्यूटी पार्लर चलेंगे भाई साहब को मैं मना लूंगी तुझे सुंदर देखकर वह कुछ नहीं कहेंगे। पहले तो मैं बहाने बनाती रही परंतु जल्द ही पड़ोसन ने मुझसे हामी भरवा ली। नतीजा हम दोनों दूसरे दिन ब्यूटी पार्लर में नजर आए।

मीना ने कहा देखो तुम शहनाज का फेशियल करवा लो इससे झुरियां देर से आती है। तुम तो एकदम सीधी हो तुम्हें हर महीने फेशियल करवाना चाहिए। बाल भी तुम्हारे हैं तो लंबे परंतु दो मुंहे हो गए हैं ऐसा करो तुम हेयर स्टाइल भी बदल डालो। अपने आप को एक मरीज की तरह मैंने उसे सौंप दिया था द्य लगभग 1 घंटे के बाद फेशियल के लिए मेरा नंबर आया। मेरे चेहरे पर फेस पैक लगाते लगाते ब्यूटीशियन मीना से लगातार बात किए जा रही थी द्य अचानक मैंने सुना मीना ब्यूटीशियन से कह रही थी देखो मैंने ही आशा को तुम्हारे ब्यूटी पार्लर के बारे में बताया है। सोमवार को भी मैं ही रिचा को आपके यहां लेकर आई थी।

ब्यूटीशियन ने कहा क्यों घबराती हो मैंने तो तुमसे वादा कर ही लिया है यदि तुम मुझे कस्टमर लाकर दोगी तो मैं तुम्हारा फेशियल मुफ्त में कर दिया करूंगी द्यसाथ ही मेरे पार्लर के जितने सौदर्य साधन के सामान तुम बिकवाओगी मैं उसका कमीशन भी दूंगी। चेहरे पर सौंदर्य साधनों की पोताई होने के कारण यह सब सुनकर भी न मैं अपनी आंखों सेऔर न जुबान से दोनों से ही पड़ोसन मीना की वास्तविकता जानकर भी कुछ ना कह सकी। लगभग 1 घंटे के बाद मेरे चेहरे को साफ किया गया। ब्यूटीशियन तथा मीना दोनों एक साथ कहने लगे देखो तुम्हारा चेहरा कितना साफ और सुंदर दिखाई दे रहा है तो त्वचा भी कितनी कोमल हो गई है। मैने आइने में देखा पर आईना तो कुछ और ही कह रहा था मैंने कहा मुझे तो ऐसा नहीं लग रहा है तब उन दोनों ने कहा कि फेशियल कराने के दो तीन दिन बाद ही चेहरा अच्छा दिखता है।

अब मैं क्या कह सकती थी। समय का इंतजार तो करना ही था। मीना के निर्देश पर ब्यूटीशियन ने मेरे बाल काटने शुरू कर दिए मेरे लंबे लंबे बाल जिनकी मैं बचपन से ही तारीफ सुनते आ रही थी आज कटकर जमीन पर पड़े हुए थे। मुझे बहुत दुख हो रहा था परंतु सुंदरियों को जिस तरह छोटे-छोटे बालों को अदा से उठाते गिराते हुए देखा था वह मोह छूट नहीं रहा था। मैंने अपनी आंखें बंद कर ली कि अपने आप को सुंदर बनने के बाद ही देखूंगी। आंखें खोली तो देखा मेरे बाल एकदम छोटे-छोटे काट दिए गए थे। सिर एकदम हल्का लग रहा था मानो सिर में कुछ ना हो। आईना ने कहीं यह नहीं कहा कि मैं सुंदर दिख रही हूं। मुझे चुप देखा तो दोनों पूछने लगे क्यों अच्छा लग रहा है ना दोनो कहने लगी कितनी सुंदर दिख रही हो।

तुम्हारा चेहरा एकदम बदल गया है मैं क्या कहती धीरे से पूछा कितने पैसे देने हैं। मीना ने कुछ सौंदर्य सामग्रियां भी उनका गुणगान करते हुए बिना मुझसे पूछे खरीद ली। पेमेंट तो मुझे ही करना था। मैं रास्ते भर सोचती रही घर जाकर अपने पतिदेव को मुंह कैसे दिखाऊँगी कहीं उन्हे अच्छा नहीं लगा तो रास्ते में एक आंटी मिल गई उन्होंने कहा है है कितने सुंदर बाल थे पूंछ जैसे कटा डाली आजकल फैशन के चक्कर में भी क्या-क्या लोग नमूने बन जाते हैं। मेरा तो दिल बैठने लगा मीना कहने लगी तू नहीं जानती कुछ लोगों को हमारे सुंदर दिखने से जलन होती है इसीलिए इस तरह की बातें करते हैं रास्ते भर मीना मुझ पर अपना एहसान लादती जा रही थी किउसके कारण हो मैं आज सुंदर दिख रही हूं। उसकी प्रत्येक बात में मैं हामी भरती रहीद्य सोचने लगी मुझे बलि का बकरा बनाकर एहसान भी चढ़ाती जा रही है।

मैंने मन ही मन अपनी गलती महसूस कीऔरसोचा अब कभी अपने पड़ोसन की चिकनी चुपड़ी बातों में नहीं आऊंगी। यह तुम्हें क्या हो गया घर केअंदर घुसते ही पतिदेव ने कहा मे पलंग पर औंधें मुँह लेटकर रोने लगी।

पतिदेव कहने लगे इसमें रोने की क्या बात है चलो तुम्हारा शौक तो पूरा हो गया ऐसा करो एक सप्ताह आफिस से छुट्टी ले लो और आराम से घर पर रहो। फिर कभी सुंदर दिखने के चक्कर में मत रहना पतिदेव की बातें सुनकर मै रोते हुए हँस पड़ी।

यह बात अलग है कि आज दिखावे की दुनिया में इसी विधा का बोलबाला है 1 ब्यूटी पार्लर्स का जादू सबके सिर चढकर बोल रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button