हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति बढ़ती रहे, इसके लिए देश में आर्थिक, वैज्ञानिक, सामरिक, राजनीतिक और ज्ञान के स्तर पर जितना अधिक सशक्त कार्य होगा, विश्व फलक…
Read More »मेरी कलम से
जिस किसी को बीज पहूचाना हो तो इस पते पर पंहुचा देना ????
Read More »नया है बरस नई हैं मंजिलें हैं नई राहें अपनी बना लीजिएगा भूत पीछा करे तो हटा दीजिएगा वर्तमान को…
Read More »सलवटे मलबूस (बिस्तर) की, आँखों में बदन की भूख, क्या सिर्फ टुकड़ा-ए-गोस्त ही थी मैं? शक सुवहा, वासना से मिले…
Read More »जो भटका हूं मैं खुद अपने शौक से, कोई और ज़िंदगी का रास्ता ना दिखाओ मुझे तुम बेतरतीबी में अपनी…
Read More »इतवार करै धनवन्तरि होय, सोम करै सेवा फल होय।बुध बिहफै सुक्रै भरै बखार, सनि मंगल बीज न आवै द्वार।। भावार्थ-…
Read More »है यह संस्कृत की पुत्री पर सींचित हुई सभी से कभी दक्षिण से कभी उत्तर से कभी पूर्व से कभी…
Read More »आन बान है शान तिरंगा सबके मन को भाए सदा रहेगा ऊंचा झंड़ा देश का स्वाभिमान बढ़ाए
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