कंधे और पैर में घायल होने के बावजूद, उन्होंने अपना अभियान गंभीर दृढ़ संकल्प के साथ जारी रखा जब तक…
Read More »परमवीर चक्र
वर्ष 1996 ई. में जब महज 16 साल के लड़के योगेन्द्र सिंह यादव को भारतीय सेना की भर्ती का चयन-पत्र…
Read More »पूर्वपीठिका : मातृभूमि पर मर मिटने वाले जाँबाजों में सिर्फ़ सरहद पर तैनात भारतीय सैनिक शामिल नहीं हैं, कई देशों…
Read More »शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले। वतन पर मिटनेवालों का यही बाक़ी निशाँ होगा। 3 दिसम्बर 1976 को…
Read More »“ताकत मेरी दासी है, मैंने उसे पाने के लिए इतनी मेहनत की है कि कोई उसे मुझसे छीन नहीं सकता।”–…
Read More »अपने वचन को निभाने का सबसे अच्छा तरीका है कि वचन ही ना दें लेकिन वह काम कर दीजिएनेपोलियन बोनापार्ट…
Read More »जब आप पंख खोलेंगे तभी तो आपको पता चलेगा कि आप कितनी ऊँचाई तक उड़ सकते हैं।– नेपोलियन बोनापार्ट ये…
Read More »“शादी का जशन मनाने को, कोई चुनता है बाग बगीचे कोई चुनता है महल चौबारे बिरले ही होते हैं वो,…
Read More »देश के हर वीर सिपाही में कुछ ऐसी ही पंक्तियों से सजा हुआ जा रहता है, इसलिए वो शिद्दत और…
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