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टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन

टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन-

 

  “टोक्यो ओलंपिक में भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदकों के साथ अब तक के ओलंपिक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. आठ अगस्त को टोक्यो ओलंपिक का समापन हो गया. टोक्यो में भारत ने एथलेटिक्स (स्वर्ण), वेटलिफ़्टिंग (रजत), कुश्ती (एक रजत, एक कांस्य), हॉकी (कांस्य), बैडमिंटन (कांस्य) और बॉक्सिंग (कांस्य) में पदक हासिल किए”

 

 

आधुनिक ओलम्पिक खेलों का आयोजन प्रारम्भ करने का श्रेय फ्रांस के विद्वान् खेल प्रेमी पियरे डि कुबर्तिन को जाता है । 1894 ई. में उनके प्रयासों से ‘अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति’ का गठन किया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष ‘पियरे डि कुबर्तिन’ ही बनाए गए ।

 

इसके बाद ओलम्पिक के जन्मदाता देश यूनान की राजधानी एथेंस में 4 अप्रैल, 1896 को आधुनिक ओलम्पिक खेलों का प्रथम आयोजन हुआ, तब से प्रत्येक चार वर्ष के पश्चात् इसका आयोजन विश्व के विभिन्न स्थानों पर किया जाता रहा है ।

 

वर्ष 1916 में प्रथम विश्वयुद्ध के कारण छठे ओलम्पिक एवं वर्ष 1940 तथा 1944 में द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण क्रमशः बारहवें एवं तेरहवें ओलम्पिक का आयोजन नहीं किया जा सका ।

 

उन्तीसवें ओलम्पिक खेलों का आयोजन चीन की राजधानी बीजिंग में वर्ष 2008 में और तीसवें ओलम्पिक खेल का आयोजन ब्रिटेन की राजधानी लन्दन में वर्ष 2012 में किया गया । इकतीसवें ओलम्पिक खेलों का आयोजन ब्राजील की राजधानी रियो-डि-जेनेरियो में वर्ष 2016 में किया जाना प्रस्तावित है ।

 

  “टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 7 मेडल अपने नाम किए. भारत ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ ओलंपिक का समापन किया है. अब तक ओलंपिक खेलों में यह भारतीय खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. नीरज चोपड़ा ने शनिवार को इतिहास रचते हुए देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया. इससे पहले पहलवान बजरंग पूनिया ने भी कुश्ती में ब्रॉन्ज जीतकर देश के पदकों की संख्या बढ़ाई थी. आपको बता रहे हैं कि इस ओलंपिक में किन भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. 

 

 

नीरज चोपड़ा (गोल्ड मेडल)

नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. वह देश के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट हैं. नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया. उन्होंने इस ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता है.

 

 

 

मीराबाई चानू (सिल्वर मेडल)

भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का खाता खोल दिया था. चानू ने 49 किलोग्राम वर्ग में यह कामयाबी हासिल की. उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 115 किलो और स्नैच में 87 किलो से कुल 202 किलो वजन उठाकर पदक अपने नाम किया. 

 

 

रवि दहिया (सिल्वर मेडल)

पहलवान रवि दहिया ने टोक्यो ओलंपिक में 57 किग्रा भार वर्ग कुश्ती में सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने अपनी कामयाबी से भारत के लिए खाते में दूसरा सिल्वर मेडल जोड़ दिया था. उनसे देश को गोल्ड की उम्मीदें थीं, लेकिन वे फाइनल मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर पाए. 

 

 

पीवी सिंधु (ब्रॉन्ज मेडल)

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था. वे ओलंपिक में लगातार दो बार मेडल जीतने वाली पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में चीनी खिलाड़ी को हराकर मेडल अपने नाम किया. 

 

 

लवलीना बोरगोहेन (ब्रॉन्ज मेडल)

बॉक्सिंग में भारत की लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. उन्होंने शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने देश के खाते में एक ब्रॉन्ज मेडल जोड़कर देश को गर्वित कर दिया. 

 

 

बजरंग पूनिया (ब्रॉन्ज मेडल)

पहलवान बजरंग पूनिया ने शनिवार को टोक्यो ओलंपिक में शानदार सफलता हासिल करते हुए फ्रीस्टाइल कुश्ती के 65 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. बजरंग ने भारत की झोली में चौथा कांस्य और कुल छठां पदक डाला. बजरंग ने इस मुकाबले में कजाकिस्तान के दौलत नियाबेकोव को हराकर पदक जीता. 

 

 

भारतीय पुरुष हॉकी टीम (ब्रॉन्ज मेडल)

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक में हॉकी का मेडल जीता है. इससे पहले भारत ने वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था. टीम ने इस ओलंपिक में अद्भुत प्रदर्शन किया

 

कुछ विशेष बातें-

 

1. एक स्वर्ण, दो रजत और 4 कांस्य जीते

भारत ने टोक्यो में कुल 7 पदक अपने नाम किए। भारत 1900 से ओलंपिक में हिस्सा ले रहा है। इसके बाद से पहली बार है, जब टीम ने एक ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक जीते हैं। इससे पहले भारत ने 2012 के लंदन ओलंपिक में 6 पदक जीते थे।

 

2. 8 साल बाद कुश्ती में दो पदक आए

भारत की ओर कुश्ती में पहलवान रवि कुमार दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने 8 साल बाद कुश्ती में दो पदक जीते हैं। इससे पहले 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने रजत और योगेश्वर दत्त ने कांस्य पदक जीता था।

 

3. हॉकी में 41 साल बाद पदक जीता

इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद से भारतीय हॉकी लगातार संघर्ष कर रही थी, लेकिन इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।

यही नहीं, भारतीय महिला टीम ने भी शानदार खेल दिखाया। इस टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई। दुर्भाग्य से टीम आगे नहीं जा सकी और कांस्य का मुकाबला भी हार गई। टीम पहली बार ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही।

 

4. 13 साल बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता

टोक्यो में भारत ने एक स्वर्ण पदक भी जीता। जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने यह कीर्तिमान रचा। इस तरह 13 साल बाद भारत ने ओलंपिक में सोना जीता। इससे पहले 2008 में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था। अभिनव के बाद नीरज दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। 

 

 

5. 121 साल में पहली बार किसी भारतीय ने एथलेटिक्स में पदक जीता

भारत ने अपने 121 साल ओलंपिक इतिहास में पहली बार एथलेटिक्स में पदक अपने नाम किया। इससे पहले किसी भारतीय ने कभी भी ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। 1900 में नॉर्मन प्रिटचार्ड ने एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे। हालांकि, वे भारतीय नहीं, बल्कि भारत ने जन्मे अंग्रेज थे।

 

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम देशवासियों की उम्मीदों पर खरी उतरी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कहा जा रहा था कि इस बार भारतीय टीम ओलंपिक इतिहास में सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी। ऐसा हुआ भी। टीम ने कमाल का खेल दिखाया और खुद को इतिहास के पन्नों में दर्ज कराया। आइए कुछ रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं कि जो भारत ने टोक्यो ओलंपिक में बनाए…

 

नीरज चोपड़ा- ” नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक कर गोल्ड मेडल जीत का इतिहास रच दिया वह देश के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले पहले ट्रेक एंड फील्ड एथलीट है नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया और उन्हें इस ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता है”

 

 

” – टोक्यो ओलंपिक खेलों का शुभंकर को “मिराइतोवा और सोसाइटी ” का नाम दिया गया “

 

  • -” इस बार टोक्यो ओलंपिक की थीम “लिंग संतुलन” को कायम

    रखना है यह जापान की सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिकता दोनों का प्रतिनिधित्व करती है”

 

ओलंपिक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत को लेकर नीरज चोपड़ा ने कहा पीएम ने ना सिर्फ मुझे बल्कि बाकी खिलाड़ियों से भी बात की महिला टीम से भी बात की यह बात यह बताती है कि देश के प्रधानमंत्री को स्पोर्ट्स को कितना सपोर्ट करते हैं और उन्होंने यह बताया कि नरेंद्र मोदी जी का कॉल आने पर उन्हें बहुत खुशी हुई

 

इस बार भारतीय खिलाड़ी फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से फिरते और इसी वजह से भारत का प्रदर्शन इतना बेहतर रहा ;

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